बिहार के बेगूसराय में एक एकड़ में लहलहाने लगा सेब का बाग, अगले साल मई से बाजार में भी उपलब्ध होगा फल

बिहार के बेगूसराय में एक एकड़ में लहलहाने लगा सेब का बाग, अगले साल मई से बाजार में भी उपलब्ध होगा फल
ब‍िहार के बेगूसराय में क‍िसान ने एक एकड़ में सेब का बाग लगाया है. (सांकेत‍िक तस्‍वीर)

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Apple orchard in Bihar : बेगूसराय में किसान अमित कुमार ने एक एकड़ में सेब का बाग लगाया है. जिसमें इस साल पहली बार फल भी आया था. किसान ने अब अगले साल से बाग के सेबों को बाजार में बेचने की योजना भी बनाई है.

सेब (Apple) को ठंडे प्रदेशों का फल कहा जाता है, जिसकी पैदावार मुख्यत: देश के अंदर हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड में ही होती है. इस मिथक को तोड़ने के लिए बिहार (Bihar) का एक युवा किसान प्रयासरत है. जिसकी मेहनत पर टीवी9 डिजिटल ने एक साल पहले रिपोर्ट प्रकाशित की थी. उस दौरान बिहार के बेगूसराय स्थित एक एकड़ में लगाए गए इस बाग (Orchard) में सेब के पौधे बेहद ही छोटे थे, लेकिन युवा किसान का विजन और मेहनत का जज्जा साफ-साफ बड़ा नजर आ रहा था.तब से अब तक सेब के इस बाग में बहुत कुछ बदलाव हुआ है. जिसे 14 महीने बाद ग्राउंड जीरो पर जाकर टीवी 9 डिजिटल ने एक बार रिकार्ड किया है. अब युवा किसान के विजन और मेहनत से बिहार जैसे गर्म प्रदेश में भी सेब का बाग लहलहा रहे हैं. वहीं किसान ने सेब के इन बागों से इस बार पहला फल भी तोड़ा है.

मार्च-अप्रैल में बाग में आया पहला फल, अगले साल मई से बाजार में बिकेगा बाग का सेब

बिहार के बेगूसराय में सेब का बाग लगाने की परिकल्पना स्थानीय युवा अमित कुमार ने की है. अमित बीएसएसी एग्रीकल्चर हैं और मौजूदा समय में पूरी तरह से खेती-किसानी को समर्पित हैं. अमित बताते हैं कि उनका सेब का बाग एक साल पुराना हो गया है. जिस पर इस साल मार्च-अप्रैल के महीने पहला फल भी आया था. वह बताते हैं कि पहला फल किसी भी पेड़ के विकास को प्रभावित कर सकता है, इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पहले फल को जल्द ही तोड़ दिया. अब इन बागों से दूसरे साल का फल लेने की तैयारी है. जिसके तहत लोगों को अगले साल मई से इस बाग के सेब खाने को मिलेंगे.

बाग में अब 4 किस्म के सेब, सभी 48 डिग्री के तापमान तक में सफल

बेगूसराय में सेब का बाग लगाने वाले किसान अमित कुमार ने अपने इस बाग की शुरूआत सेब की एक किस्म हरमन-99 से की थी, लेकिन बीते एक साल से अब तक बाग में काफी बदलाव आ चुका है. किसान अमित कुमार ने अब अपने बाग में सेब की 4 किस्में लगा दी हैं. अमित बताते हैं कि उनके बाग में हरमन 99, अन्ना, डोरसेट गोल्ड और टयूपिक स्वीट्स किस्म के सेब हैं. यह सभी 40 से 48 डिग्री तक के तापमान में उत्पादन देने में सफल हैं. सेब की इन किस्मों की विशेषता बताते हुए अमित कुमार कहते हैं कि चारों में से अन्ना किस्म के सेब में सबसे अधिक मिठास होती है.

ठंड में बाग पर शून्य खर्च, गर्मी शुरू होते ही सिंचाई की जरूरत होती

गर्म प्रदेश बिहार में लगाए गए सेब के बाग के विकास की जानकारी देते हुए अमित कुमार बताते हैं कि बाग में उनके पौधे 7 फीट तक लंबे हो गए थे, जिनकी नवंबर में कटाई की गई थी. साथ ही वह बाग के रखरखाव के बारे में बताते हुए कहते हैं कि ठंड के मौसम में सेब का पौधा निंद्रा में चला जाता है. ऐसे में बरसात के बाद ठंड के मौसम में उनको बाग के रखरखाव के तौर पर कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ा है, लेकिन गर्मी शुरू होते ही उसके रखरखाव के लिए प्रभावी उपाय उठाने की जरूरत होती है. बकौल राहुल कुमार गर्मी होते ही पौधे को पानी की जरूरत पड़ती है. जिसके तहत पौधे में नमी बनाए रखने के लिए फरवरी से जुलाई तक सिंचाई करनी पड़ती है.

ठंडे प्रदेशों के सेब से बिहार के सेब को मिलेंगे अधिक दाम

किसान राहुल कुमार बताते हैं बिहार जैसे गर्म प्रदेश में लगाए गए सेब को ठंडे प्रदेशों में पैदा हाेने वाले सेब से अधिक दाम मिलेगा. वह बताते हैं कि ठंडे प्रदेशों में पैदा होने वाले सेब की तुड़ाई अगस्त के बाद होती है. जबकि मई जून में यह सेब टूटना शुरू हो जाएगा. इस तरह से यह ठंडे प्रदेशों के सेब से 2 से 3 महीने पहले बाजार में आ जाएगा. उस दौरान बाजार में सेब के दाम अधिक होते हैं. ऐसे में इस सेब को अधिक दाम मिलेगा.

बाग लगाने के बाद 25 साल तक फल, साथ में सब्जियां बोने से डेढ लाख महीने की कमाई

बिहार के बेगूसराय में सेब का बाग लगाने वाले अमित कुमार बताते हैं कि सेब का बाग एक साल में फल देना शुरू कर देता है. जबकि दूसरे साल में लागत निकाली जा सकती है. वहीं एक बाग 25 साल तक फल देता है. साथ ही वह बताते हैं कि सेब का एक पेड़ एक साल में 30 से 50 किलो तक फल आसानी से देता है. इस तरह एक एकड़ में लगाए गए सेब के बाग 10 से 12 लाख रुपये की आमदनी प्रत्येक साल आसानी से की जा सकती है. ऐसे में अगर कोई सेब के बाग में सब्जियों की खेती करें तो डेढ़ लाख रुपये प्रति महीने की कमाई एक एकड़ से की जा सकती है. अमित कुमार बताते हैं कि वह अपने सेब के बाग में दो पेड़ों के बीच में सब्जियां भी उगा रहे हैं. जिसके तहत वह छोटे बेलों वाली सब्जियों के साथ ही प्याज, लहसून की खेती कर रहे हैं. इससे खेत की समय-समय पर निराई-गुड़ाई भी हो जाती है. इसका फायदा सेब के पौधों को भी मिलता है.

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अमित कुमार को देखकर अन्य राज्यों के किसानों ने भी लगाया सेब का बाग

बिहार के बेगूसराय में सेब की बागवानी करने वाले अमित कुमार अन्य गर्म प्रदेशों के किसानों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत बन कर उभरे हैं. अमित कुमार बताते हैं कि बीते साल टीवी 9 डिजिटल में उन पर रिपोर्ट जारी होने के बाद देश के अन्य गर्म राज्यों के किसानों ने उनसे संपर्क किया था. जिसके बाद उन्हाेंने बीते एक साल मेंउत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के किसानों का सेब का बाग विकसित करने में मदद की है.वह बताते हैं कि वहां के किसान 2-2 एकड़ में सेब की बागवानी करने में जुटे हुए हैं.