किशमिश उत्पादन में कमी के बावजूद मांग में आयी तेजी, अच्छे दाम मिलने से खुश हैं किसान

किशमिश उत्पादन में कमी के बावजूद मांग में आयी तेजी, अच्छे दाम मिलने से खुश हैं किसान
बाजारों में क्या दाम है किशमिश के ?

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Raisin Price: राज्य में इस साल एक लाख 60 हजार टन किशमिश का उत्पादन हुआ है. इसके बावजूद इस साल उत्पादन में कमी देखी जा रही है.वही व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों और शादियों के कारण किशमिश की मांग बढ़ी है और आगे दाम भी बढ़ने की संभावना है. इसके कारण किशमिश किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है.

अंगूर उत्पादकों को इस साल प्रकृति की मार से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. इसके कारण ना केवल उत्पादन में गिरावट आई है बल्कि अंगूर की गुणवत्ता में भी खराब हुई है, जिसके बाद किसानों ने किशमिश (Raisin)उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया था.लेकिन पिछले साल की तुलना में किशमिश के उत्पादन में भी भारी गिरावट देखी गई है. हालांकि कीमते अच्छी बने रहने कारण किशमिश उत्पादकों को राहत जरूर मिली है.कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों और शादियों के कारण किशमिश की मांग बढ़ी है, जिससे कीमतों में कुछ सुधार हुआ है. मौजूदा मांग और कीमतो से अंगूर उत्पादकों (Grapes Producers) के लिए राहत मिली हैं. प्रदेश में इस वर्ष एक लाख 60 हजार टन किशमिश का उत्पादन हुआ है. किसान (Farmer)अब कीमतों में और बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं.

जलवायु परिवर्तन से किशमिश उत्पादन प्रभावित हुई है

जिस तरह जलवायु परिवर्तन ने अंगूर के उत्पादन को प्रभावित किया है, उसी तरह तूफानी हवाओं और चिलचिलाती गर्मी चलते भी किशमिश का उत्पादन प्रभावित हुआ है. किशमिश का उत्पादन सबसे ज्यादा सोलापुर, सांगली, नासिक और कर्नाटक के कुछ राज्यों में होता है. इस साल उत्पादन प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हुई थी लेकिन, कई महीनों तक बेमौसम बारिश और तेज हवाएं चलने से इसका असर किशमिश के उत्पादन पर पड़ा है गुणवत्तापूर्ण किशमिश का उत्पादन न होने के कारण किसानों को अपेक्षित दर प्राप्त नहीं हो सका था . ऐसे विपरीत परिस्थितियों में अंगूर उत्पादकों को इस किशमिश का सहारा मिला है. हालांकि उत्पादन में गिरावट के बावजूद कीमतों में कोई तेज वृद्धि तो नहीं हुई, पर दाम इतने भी कम नहीं है जिसके कारण किसानों को थोड़ी राहत मिली है.

त्योहार और शादी समारोह के चलते मांगे बढ़ी

फिलहाल किशमिश बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. राज्य में एक लाख 60 हजार टन किशमिश का उत्पादन हुआ हैं. एक तरफ जहां औसत से कम किशमिश उत्पादन हुआ है वही दूसरी तरफ मौजूदा त्योहारों और शादियों के कारण किशमिश की मांग अधिक है. सांगली, तसगांव और पंढरपुर के बाजारों में 1,500 टन किशमिश बिक चुकी है, इसलिए, व्यापारी निकट भविष्य में मांग में और वृद्धि की भविष्यवाणी कर रहे हैं. इसलिए अंगूर से हुए नुकसान की भारपाई कर रहे हैं और किसानों को उम्मीद है कि आगे किशमिश के उपज में वृद्धि होगी

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बाज़ारों में कितना है किशमिश का रेट

ये हैं किशमिश के दाम जो राज्य के प्रमुख बाजारों में बिक रहे है. एक नंबर की किशमिश की कीमत 160 से 220 रुपये प्रति किलो है, जबकि दो नंबर की कीमत 110 से 150 रुपये और कम अच्छी क़्वालिटी की किस्म की किशमिश 10 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है.चूंकि ये दरें सामान्य हैं, इसलिए उम्मीद है कि मांग बढ़ेगी और भविष्य में कीमतों में सुधार होगा.