उपराष्ट्रपति ने देश में कम हो रहे कृषि शोध पर जताई चिंता, कहा : जीडीपी के एक फीसदी खर्च से नहीं बदलेंगे हालात

उपराष्ट्रपति ने देश में कम हो रहे कृषि शोध पर जताई चिंता, कहा : जीडीपी के एक फीसदी खर्च से नहीं बदलेंगे हालात
कृषि शोध पर खर्च बढ़ाने की जरूरत

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Agriculture Research: उपराष्ट्रपति वेंकैया नाय़डू ने कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और तकनीकी विकास पर जोर देते हुए कहा कि देश की कृषि को बढ़ावा देने के लिए, कृषि उपज बढ़ाने के लिए अनुसंधान बेहद जरूरी है, ताकि किसानों की आय को बढ़ाया जा सकें. इसके अलावा उन्होंने कृषि अनुसंधान पर खर्च को बढ़ाने की बात कही.

देश कृषि और किसानों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. अधिक उत्पादन के जरिए किसानों की आय (Farmers Income) बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. उपराष्ट्रपति एम वेकैंया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने भी कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आज देश में कृषि अनुसंधान (Agriculture Research) की गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने की जरूरत है. क्योंकि नए अनुसंधान और तकनीक के मदद से कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. कृषि उपज बढ़ने से किसानो (Farmers) को मुनाफा होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. उपराष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया की देश के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने लिए अधिक से अधिक अनुसंधान की जरूरत है, इसलिए अनुसंधान खर्च को बढ़ाने की जरूरत है. गौरतलब है कि वर्तमान में कृषि अनुसंधान और विकास में हो रहा खर्च कृषि जीडीपी से एक प्रतिशत से भी कम है.

हैदराबाद में आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (एनएएआरएम) के कृषि-व्यवसाय प्रबंधन कार्यक्रम के ग्रेजुएशन सेरेमनी में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की. वेंकैया नायडू ने कृषि शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, उद्यमियों और वैज्ञानिकों से आह्ववान करते हुए कहा कि किसानों के लिए कृषि और लचीला और आसान बनाया जाए ताकि कृषि के क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का असर नही हो. उन्होंने कृषि को लाभदायक और टिकाऊ बनाने पर जोर दिया.

कृषि की नयी तकनीक विकसित करने के लिए कार्य करे विश्वविद्यालय

उपराष्ट्रपति नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि विश्वविद्यालयों को नई तकनीकों और सतत उत्पादन के तरीकों को विकसित करने और देश के हर हिस्से में इन विकासों को अंतिम किसान तक ले जाने के लिए इसे अपना अनिवार्य कर्तव्य मानना ​​​​चाहिए. उन्होंने किसानों को उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए अनुसंधान लाभ लाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नारे ‘लैब टू लैंड’ को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया.

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किसानों को लिए वनस्टॉप समाधान की हो व्यवस्था

उन्होंने आगे कहा, किसानों को विस्तार इनपुट सरल भाषा में उपलब्ध कराया जाना चाहिए और तकनीकी शब्दजाल से बचना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने मोबाइल आधारित विस्तार सेवाओं और सभी सेवाओं के लिए वन-स्टॉप समाधान की पेशकश जैसी संभावनाओं का पता लगाने के लिए कहा, ताकि किसानों को समस्याओं का समाधान एक छत के नीचे हो सके. उपराष्ट्रपति ने अनुसंधान के दृष्टिकोण में आमूलचूल बदलाव और तकनीकी नवाचार, मानव संसाधन और विस्तार सेवाओं में उत्कृष्टता के लक्ष्य का आह्वान किया. उन्होंने अन्य क्षेत्रों में जीनोमिक्स, आणविक प्रजनन और नैनो प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कुछ छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए.